Deaf Olympics 2022: भारतीय गोल्फर दीक्षा ने जीता गोल्ड, अभिनव को बैडमिंटन का कांस्य

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नई दिल्ली। Deaf Olympics 2022: वर्ष 2017 में तुर्की के सैमसन में आयोजित हुए बधिर ओलिंपिक में रजत पदक जीतने वाली झज्जर की बेटी और महिला गोल्फर दीक्षा डागर ने ब्राजील में आयोजित बधिर ओलंपिक (Deaf Olympics 2022) में महिला गोल्फ का गोल्ड मैडल जीतकर इतिहास रच दिया है। गोल्ड मैडल मुकाबले में दीक्षा ने अमेरिका की एजी जॉनसन को शिकस्त देकर अपने मैडल का रंग बदला। दीक्षा के अलावा भारत के ही अभिनव शर्मा ने बैडमिंटन का कांस्य पदक अपने नाम किया। अभिनव ने लिथुआनिया के आई रेजनिकास को सीधे सेटों में 21-16, 21-6 से शिकस्त देकर अपना पहला पदक हांसिल किया।

दीक्षा ने Deaf Olympics 2022 सेमीफाइनल में 2017 की कांस्य पदक विजेता नार्वे की आंद्रिया होव्सटीन हेलेगेर्डे को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। दीक्षा ने क्वार्टर फाइनल छह और पांच से जीता था और वरीयता तय करने के लिए हुए स्ट्रोक प्ले में वह 14 शाट से शीर्ष पर रही। दीक्षा ने लंबे समय तक गोरखपुर के गोल्फ कोर्स में अभ्यास किया। गौरतलब है कि गोल्फर दीक्षा डागर को ओलिंपिक पोडियम स्कीम (टाप्स) में शामिल किया गया है। 21 वर्षीय बाएं हाथ की दीक्षा डागर पिछले साल ओलंपिक खेलों में 50 वें स्थान पर रहीं।

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रेलवे गोल्फ कोर्स में हुई ट्रेनिंग

दीक्षा के पिता कर्नल नरेंद्र डागर की गोरखपुर क्षेत्र में पोस्टिंग की वजह से उन्होंने परिवार के साथ रहते हुए रेलवे के गोल्फ कोर्स में कड़ा अभ्यास किया। जिसके बूते बेशक ही वह अब शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। दीक्षा के प्रदर्शन पर जिला ही नहीं पूरे देश को नाज है। आज देश के लिए गोल्फ में बड़ी उम्मीद दिख रही दीक्षा डागर की प्रतिभा को निखारने का काम पूर्व स्क्रैच गोल्फर उनके पिता कर्नल नरेंद्र डागर ने उन्हें गोल्फिंग की शुरुआती बारीकियां सिखाईं। हमेशा सुनने की अक्षमता को गंभीरता से न लेने में उनकी मदद की। हालांकि, दीक्षा टेनिस, तैराकी और एथलेटिक्स में भी पारंगत हो गई थीं।

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