मांकड़िंग पर Ashwin ने दी चेतावनी, कहा- अब नहीं छोडूंगा

1253
Advertisement

DC vs RCB के मैच में फिंच को आउट नहीं किया था Ashwin ने

मैच के बाद ट्वीट कर कहा, यह आखिरी वार्निंग है

नई दिल्ली। Ravichandran Ashwin और मांकड़िंग रूल एक दूसरे से अलग नहीं हो पा रहे हैं। तमाम विवादों के बीच कल रात हुए दिल्ली और आरसीबी मैच में एक बार फिर अश्विन के पास मांकड़िंग से आउट करने का मौका था। लेकिन अश्विन ने एरोन फिंच को आउट नहीं किया। हालांकि मैच में बाद Ashwin ने साफ कर दिया कि यह आखिरी मौका था। अगर आगे से कोई बल्लेबाज ऐसी स्थिति में आया तो वो उसे आउट कर देंगे।

साइना और कश्यप ने Denmark Open से लिया नाम वापस

आईपीएल 2019 में मांकड़िंग का तरीका चर्चाओं में आया। जब किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान के तौर पर Ashwin ने जोस बटलर को इसी तरीके से आउट किया था। इसके बाद अश्विन ने इसी तरीके से ऋद्धिमान साहा को भी दो बार आउट करने की कोशिश की लेकिन वो बच गए। इसके बाद मांकड़िंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया। नामचीन क्रिकेटर्स ने Ashwin के इस तरीके की आलोचना की।

आरसीबी मैच में था Ashwin के पास मौका

आईपीएल 2020 में सोमवार रात दिल्ली और आरसीबी के मैच में अश्विन के पास मौका था लेकिन उन्होंने बल्लेबाज को आउट नहीं किया। मैच के बाद Ashwin ने ट्वीट किया, मैं बिल्कुल साफ कर देना चाहता हूं कि ये मेरी पहली और आखिरी वॉर्निंग है। मैं ऑफिशियली कह रहा हूं कि आगे से कोई बैट्समैन क्रीज से बाहर निकला तो उसे मांकड़िंग से आउट करने में देर नहीं लगाउंगा। इसके बाद कोई मुझे दोषी न ठहराए।

Ashwin को देख मुस्कुराए पोंटिंग

आरसीबी के खिलाफ मैच में जब अश्विन ने फिंच को छोड़ दिया तो दिल्ली के कोच रिकी पोंटिंग मुस्कुराते हुए दिखाई दिए। दरअसल, पोंटिंग Ashwin की मांकड़िंग के सख्त खिलाफ हैं। उन्होंने आईपीएल शुरू होने से पहले ही कह दिया था कि वे अश्विन को इस तरीके से किसी को आउट नहीं करने देंगे। लेकिन, Ashwin ने अपने ट्वीट में रिकी पोंटिंग को भी टैग करते हुए ये साफ कर दिया कि आगे वो उनकी सलाह नहीं मानेंगे।

क्या होती है मांकड़िंग

छरअसल, कोई गेंदबाज अगर गेंद फेंकने के लिए एक्शन लेता है, और उसी वक्त अगर नॉन स्ट्राइकिंग एंड पर मौजूद बल्लेबाज क्रीज से बाहर निकल जाता है तो बॉलर वहां की बेल्स गिरा सकता है। इस तरह से आउट करने के तरीके को ही मांकड़िंग कहा जाता है। क्रिकेट में यह नियम लागू तो होता है, लेकिन इस पर विवाद है। कुछ जानकार और पूर्व खिलाड़ी इसके पक्ष में हैं तो कुछ का कहना है कि बल्लेबाज को आउट करने का यह तरीका खेल भावना के विपरीत है।

 

Share this…

Leave a ReplyCancel reply