Paris Paralympics : देर रात निषाद ने दिलाया भारत को सिल्वर, प्रीति ने जीता दूसरा ब्रॉन्ज

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पेरिस। Paris Paralympics के चौथे दिन रविवार देर रात भारत ने 2 मेडल और जीते। निषाद कुमार ने हाई जंप इवेंट में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 2.04 मीटर के सीजन बेस्ट जंप के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। उनसे पहले प्रीति पाल ने विमेंस की 200 मीटर रेस में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। इसके अ लावा बैडमिंटन मेंस के इंडिविजुअल इवेंट में सुहास यथिराज और नितेश कुमार ने फाइनल में जगह बना ली है। जबकि विमेंस इंडिविजुअल में मनीषा रामदास और नित्या श्रीसिवान ने सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं।

भारत को अब तक 7 मेडल

Paris Paralympics में अब भारत के मैडल्स की संख्या 7 हो गई है। रविवार देर रात निषाद कुमार ने मेंस हाई जंप की टी-47 कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता। वहीं, प्रीति पाल ने 200 मीटर रेस में देश को ब्रॉन्ज जीतकर छठा मेडल दिलाया। उन्होंने 100 मीटर में भी ब्रॉन्ज ही जीता था। अभी तक आए 7 मैडल्स में से 4 शूटिंग में मिले हैं। अवनी लेखरा ने एक गोल्ड मेडल जीता था। मनीष नरवाल ने सिल्वर दिलाया, जबकि मोना अग्रवाल और रुबिना फ्रांसिस ने शूटिंग में ही एक-एक ब्रॉन्ज जीता।

Paris Paralympics : शूटिंग में रुबीना ने जीता ब्रॉन्ज, भारत का 5वां मैडल

निषाद कुमार ने किया सीजन का बेस्ट स्कोर

मेंस की टी-47 कैटेगरी के हाई जंप इवेंट में निषाद कुमार पूरे रंग में दिखाई दिए। हालांकि उनकी किस्मत ने साथ नहीं दिया, नहीं तो उन्हें गोल्ड भी मिल सकता था। निषाद कुमार ने 2.04 मीटर जंप कर दूसरा स्थान हासिल किया। वर्ल्ड और पैरालंपिक रिकॉर्ड होल्डर अमेरिका के रोडरिक टाउनसेंड ने गोल्ड जीता। उन्होंने 2.12 मीटर जंप के साथ पहला स्थान हासिल किया। हाई जंप इवेंट में जॉर्जिया के जॉर्जी मारगिव को ब्रॉन्ज मेडल मिला। उनका बेस्ट जंप 2.00 मीटर रहा। निषाद ने टी-47 कैटेगरी में सिल्वर जीता। इसमें वे एथलीट्स आते हैं, जिनकी कोहनी या कलाई के नीचे के अंग काम नहीं करते। इसी इवेंट में भारत के राम पाल 7वें नंबर पर रहे, उन्होंने 1.95 मीटर का बेस्ट जंप किया।

प्रीति ने पर्सनल बेस्ट टाइम के साथ मेडल जीता

Paris Paralympics 200 मीटर विमेंस की टी-35 कैटेगरी रेस में प्रीति ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने 30.01 मीटर के पर्सनल बेस्ट टाइम के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। चीन की जिया झोऊ को गोल्ड और किआन गुओ को सिल्वर मेडल मिला। प्रीति ने 100 मीटर रेस में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वह ट्रैक इवेंट में भारत के लिए 2 पैरालंपिक मेडल जीतने वाली पहली ही प्लेयर हैं। प्रीति टी-35 कैटेगरी में खेलती हैं, इसमें वह प्लेयर शामिल होती हैं, जिन्हें हाइपरटोनिया, गतिभंग और एथेटोसिस जैसी बीमारी होती हैं।

राकेश कुमार ब्रॉन्ज मेडल से चूके

कंपाउंड आर्चरी के इंडिविजुअल इवेंट में भारत के राकेश कुमार ब्रॉन्ज मेडल से चूक गए। ब्रॉन्ज मैडल मैच में उन्हें चीन के जिहाओ ही से 147-146 के नजदीकी अंतर से हार का सामना करना पड़ा। राकेश ने शुरुआती 3 सेट में बढ़त बनाए रखी, लेकिन आखिर तक इसे कायम नहीं रख सके। सेमीफाइनल में भी राकेश को चीनी आर्चर से ही हार का सामना करना पड़ा था। उन्हें जिनलियांग आई ने 145-143 के स्कोर से हराया था। राकेश ब्रॉन्ज मेडल मैच की परफॉर्मेंस अगर सेमीफाइनल में करते तो फाइनल में पहुंच सकते थे।

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