WPL ऑक्शन में कोई खरीदने को नहीं था तैयार, साबित हुई MI की सबसे बड़ी हथियार

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मुंबई। WPL: मुंबई इंडियंस पहली बार खेली जा रही महिला प्रीमियर लीग की चैंपियन बनी। फाइनल मैच में हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली मुंबई ने, दिल्ली कैपिटल्स को सात विकेट से, एकतरफा अंदाज में हराया। इस पूरे ही टूर्नामेंट में मुंबई इंडियंस ने अपने ऑलराउंडर्स के दम पर दबदबा बनाए रखा। टीम को इस खिताब तक पहुंचाने वाले खिलाडिय़ों में हैली मैथ्यूज का नाम अहम है जो कि प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी रहीं।

वेस्टइंडीज की हैली मैथ्यूज ने WPL में अपनी टीम के लिए सभी मैच खेले और लगभग हर मैच में, कभी गेंद तो कभी बल्ले से जीत में योगदान दिया। फरवरी में हुए डब्ल्यूपीएल ऑक्शन में जो दांव मुंबई इंडियंस ने हैली पर खेला उसी ने उन्हें चैंपियन बना दिया।

मुंबई ने बेस प्राइस पर हैली को खरीदा

13 फरवरी को हुए WPL ऑक्शन में हैली 40 लाख रुपए के बेस प्राइस के साथ उतरी थीं। जब ऑक्शन रूम में हैली का नाम आया तो पहले पूरे कमरे में शांति छा गई थी। कोई भी टीम हैली को लेने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही थी। इससे पहले की उन्हें अनसोल्ड करार दिया जाता ऐन मौके पर मुंबई इंडियंस ने बोली की शुरुआत की। मुंबई के अलावा कोई और टीम दावेदारी में नहीं उतरी। मुंबई इंडियंस ने 40 लाख के बेस प्राइस पर हैली को खरीद लिया।

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हैली ने जीते दो अवॉर्ड

हैली मुंबई से जुड़ी और फिर WPL के हर मैच के साथ साबित करती गई की बाकी टीमों ने उनपर बोली न लगाकर कितनी बड़ी गलती की। ये खिलाड़ी सीजन की पर्पल कैप जीतने में कामयाब रही। 10 मैचों में उन्होंने 16 विकेट हासिल किए। सिर्फ यही नहीं हैली के बल्ले ने भी काफी रन बरसाए। 10 मैचों में 40.14 के औसत से 281 रन बनाए जिसमें 77 रनों की नाबाद पारी भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में वो पांचवें स्थान पर रहीं। इसी कारण उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया।

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फाइनल मुकाबले में भी मचाया धमाल

फाइनल मैच इस ऑलराउंर की फिरकी में दिल्ली कैपिटल्स की फंसती चली गई। हैली ने WPL के इस मैच में चार ओवर डाले जिसमें दो मेडन ओवर शामिल थे। पांच रन देकर इस खिलाड़ी ने तीन विकेट हासिल किए। उनकी गेंदबाजी ने दिल्ली के मिडिल ऑर्डर को संभलने का भी मौका नहीं दिया। उन्होंने जेस जोनासेन, मिन्नू मानी और तानिया भाटिया को पवेलियन का रास्ता दिखाया। हैली और इस्सी वोंग के कारण ही दिल्ली की टीम महज 131 रन ही बना सकी। मुंबई ने नैट सिवर ब्रंट के अर्धशतक और हरमनप्रीत कौर की सधी हुई बल्लेबाजी के दम पर इस लक्ष्य को तीन गेंद रहते ही हासिल कर लिया।

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