Wimbledon 2022: एलीना रिबाकीना नई चैंपियन, खिताब जीतने वाली एशिया की पहली खिलाड़ी

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लंदन। Wimbledon 2022: कजाखस्तान की एलीना रिबाकीना विंबलडन की नई मलिका बन गई हैं। रिबाकीना ने विंबलडन 2022 का खिताब जीत लिया है। फाइनल मुकाबले में उन्होंने ओंस जेबुअर को 3-6, 6-2, 6-2 से शिकस्त दी। रिबाकीना का सह पहला ग्रैंड स्लैम खिताब है। वहीं, ट्यूनीशिया की 27 वर्षीय जेबुअर भी किसी ग्रैंड स्लैम का फाइनल खेलने वालीं अरब और अफ्रीकी देशों की पहली महिला खिलाड़ी बनीं।

17वीं वरीय कजाखस्तान की रिबाकीना ने एक घंटे 48 मिनट तक चले Wimbledon 2022 फाइनल में तीसरी वरीय ट्यूनीशिया की ओंस जेबुअर को पहला सेट हारने के बाद वापसी करते हुए अगले दो सेटों में हराया। इसके साथ रिबाकीना विंबलडन का खिताब जीतने वाली कजाखस्तान और एशिया की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। पहला सेट जेबुअर ने जिस आसानी से जीता उससे लगने लगा था कि खिताब उनकी झोली में जा सकता है लेकिन रिबाकीना ने एकतरफा अंदाज में जबर्दस्त वापसी की और मैच अपनी मुट्ठी में कर लिया।

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23 वर्षीय रिबाकीना ओपन एरा में पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंची थीं। अपने पहले ही Wimbledon फाइनल में उन्हें ट्रॉफी उठाने का मौका भी मिल गया। इसके साथ ही एलीना, पेत्रा क्वितोवा (2011 में 21 वर्ष की उम्र में) के बाद सबसे कम उम्र में विंबलडन की ट्रॉफी उठाने वाली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। रिबाकीना का यह (Wimbledon 2022) करियर का तीसरा खिताब है। उन्होंने होबार्ट 2020 के बाद चार खिताबी मुकाबले गंवाए। वह टोक्यो ओलंपिक में भी कांस्य पदक का मुकाबला हार गई थीं।

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रूस की बेटी ने जीता खिताब

रिबाकीना की जीत के साथ एक रोचक संयोग भी जुड़ा है। यूक्रेन पर रूस के हमले के विरोध में ऑल इंग्लैंड क्लब ने रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगा रखा था। लेकिन Wimbledon 2022 महिला एकल का खिताब रूस की एक बेटी ने ही अपने नाम किया। दरअसल कजाखस्तान की ओर खेलने वाली एलीना रिबाकीना का जन्म 17 जून 1999 को रूस की राजधानी मॉस्को में हुआ। 2018 में एलीना ने रूस छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने कजाखस्तान की नागरिकता ले ली।

सोशल मीडिया पर जबरदस्त समर्थन 

सोशल मीडिया पर रिबाकीना और जेबुअर, दोनों के समर्थन ट्वीट की बाढ़ आ गई है। खेल प्रशंसक इस फाइनल मुकाबले को इस मायने में ज्यादा अहम मान रहे हैं कि दोनों ही खिलाड़ी उन देशों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिन्हें अभी तक टेनिस में नजरअंदाज किया जाता रहा है। टेनिस के पूर्व खिलाड़ियों का भी मानना है कि Wimbledon 2022 का फाइनल इसलिए ज्यादा महत्वपूण माना जाएगा कि इसने इस खेल में नए रास्ते खोले हैं। दोनों ही खिलाड़ी अपने-अपने देश में युवाओं की प्रेरणास्त्रोत बनेंगी।

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