रंगभेद का शिकार बने Jofra Archer, ईसीबी से शिकायत

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सोशल मीडिया पर लोगों ने बनाया नफरत का शिकार

नई दिल्ली। रंगभेद का मुद्दा दुनिया का पीछा छोड़ता नहीं दिख रहा है। पूरे अमेरिका को हिलाने के बाद अब इसने खेलों को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। रंगभेद की इस नफरत का हालिया शिकार इंग्लैंड के तेज गेंदबाज Jofra Archer हुए हैं ।

वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में बायो-सिक्योर नियम तोड़ने के कारण Jofra Archer 5 दिन आइसोलेशन में रहे थे। इसी दौरान सोशल मीडिया पर उन्हें इस नफरत का शिकार बनाया गया। हालांकि इसे अनदेखा करने की जगह Jofra Archer हिम्मत दिखाते हुए सामने आए हैं। और उन्होंने इस मामले की शिकायत इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) से शिकायत की है। Jofra Archer ने 8 टेस्ट में 33 और 14 वनडे में 23 विकेट लिए हैं। उन्होंने 1 टी-20 खेला, जिसमें उनके नाम 2 विकेट हैं।

Jofra Archer ने काॅलम में लिखी कहानी

Jofra Archer ने डेली मेल के लिए लिखे अपने कॉलम में बताया कि रंगभेद की इसी नफरत से बचने के लिए उन्होंने पिछले कुछ दिनों से कई सोशल मीडिया प्रोफाइल को फॉलो करना बंद कर दिया है। अकाउंट को म्यूट भी कर दिया ताकि वे इस नफरत से दूरी बना सकें। उन्होंने साफ कहा कि वे फिर से इन गैरजरूरी अकाउंट्स को फॉलो नहीं करेंगे।

रंगभेद सहन करना गलत

Jofra Archer ने कहा, ‘‘पिछले कुछ दिनों में मैंने इंस्टाग्राम पर रंगभेद को लेकर काफी प्रताड़ना सही है। लोग गलत-गलत शब्द कह रहे हैं। अब मैंने तय कर लिया है कि बहुत हो गया है। हाल ही में 12 साल के बच्चे ने रंगभेद को लेकर क्रिस्टल पैलेस के फुटबॉलर विलफ्रैड जाहा को गलत बातें कही थीं। तब से मैंने यह सब नहीं सहने की ठान ली है, इसलिए ईसीबी से शिकायत कर दी।’’

खिलाड़ियों ने किया ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ मूवमेंट का सपोर्ट किया

अमेरिका में 25 मई को पुलिस की बर्बरता के कारण अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही दुनियाभर में रंगभेद के खिलाफ ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ मूवमेंट शुरू हुआ। वेस्टइंडीज-इंग्लैंड के बीच चल रही टेस्ट सीरीज में भी खिलाड़ियों ने घुटने के बल बैठकर इसका सपोर्ट किया।

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